विनोद कुमार झा
इस वर्ष भी चैत्र नवरात्रि की शुरुआत चैत्र मास के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि से हो रही है। प्रतिपदा तिथि 29 मार्च को दोपहर 4:27 बजे से प्रारंभ होकर 30 मार्च को दोपहर 12:49 बजे तक रहेगी। उदया तिथि के अनुसार, चैत्र नवरात्रि का शुभारंभ 30 मार्च से होगा और 7 अप्रैल, सोमवार को देवी की विदाई के साथ इसका समापन होगा।
नवरात्रि का महत्व और देवी आगमन
इस वर्ष चैत्र नवरात्रि का शुभारंभ रेवती नक्षत्र और एंद्र योग में हो रहा है। खास बात यह है कि रविवार को नवरात्रि प्रारंभ होने के कारण मां दुर्गा हाथी पर विराजमान होकर आएंगी , जो समृद्धि और शांति का प्रतीक माना जाता है।
कलश स्थापना और शुभ मुहूर्त
हिंदू नववर्ष की शुरुआत कलश स्थापना और ध्वजारोहण के साथ होगी। विभिन्न पंचांगों के अनुसार, कलश स्थापना का शुभ मुहूर्त सुबह 6:00 बजे से दोपहर 2:00 बजे तक रहेगा।
नवरात्रि के प्रमुख दिन और पूजा विधि
30 मार्च (रविवार): पहले दिन मां शैलपुत्री देवी की पूजा होगी। इस दिन सर्वार्थ सिद्धि योग में व्रत, तिलक और विद्या प्राप्ति के लिए अनुष्ठान किए जाएंगे।
05 अप्रैल (शनिवार): महाअष्टमी व्रत का दिन। इस दिन विशेष हवन और कन्या पूजन किया जाएगा।
06 अप्रैल (रविवार): महानवमी पर नवरात्रि पाठ का समापन होगा।
07 अप्रैल (सोमवार): विजयादशमी के दिन मां दुर्गा की विदाई होगी।
चूंकि नवरात्रि की शुरुआत रविवार से हो रही है, इसे अत्यंत शुभ और फलदायी माना जा रहा है। मां दुर्गा की कृपा से इस वर्ष सुख-समृद्धि और शांति का संचार होगा।
नवरात्रि की सभी श्रद्धालुओं को हार्दिक शुभकामनाएं!