टेक्सटाइल क्रांति की ओर एक सशक्त कदम

विनोद कुमार झा

उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा लखनऊ-हरदोई सीमा पर प्रस्तावित पीएम मित्र मेगा टेक्सटाइल एवं अपैरल पार्क राज्य के औद्योगिक और आर्थिक विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर साबित हो सकता है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा इन्वेस्टर्स मीट के दौरान की गई घोषणाएं न केवल राज्य के वस्त्र उद्योग को नई ऊंचाइयों तक ले जाने का मार्ग प्रशस्त करेंगी, बल्कि इससे उत्तर प्रदेश को देश के प्रमुख टेक्सटाइल हब के रूप में स्थापित करने में भी मदद मिलेगी। 


 1,000 एकड़ क्षेत्र में विकसित किए जाने वाले इस पार्क से 50,000 से अधिक नए रोजगार सृजित होने की संभावना है। यह उत्तर प्रदेश जैसे श्रम-प्रधान राज्य के लिए एक बड़ी उपलब्धि होगी। वस्त्र उद्योग, जो पहले से ही लाखों लोगों को रोजगार देता है, इस परियोजना के माध्यम से और विस्तारित होगा। इसके अलावा, राज्य सरकार द्वारा संत कबीर दास के नाम पर 10 नए टेक्सटाइल पार्क और संत रविदास के नाम पर दो नए लेदर पार्क स्थापित करने की घोषणा से क्षेत्रीय औद्योगिक विकास को भी बढ़ावा मिलेगा।  इस मेगा पार्क की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि इसमें वस्त्र उद्योग की संपूर्ण आपूर्ति श्रृंखला, बुनाई, रंगाई, छपाई, डिजाइनिंग और पैकेजिंग, एक ही स्थान पर उपलब्ध होगी। इससे न केवल उत्पादन लागत में कमी आएगी बल्कि समय और संसाधनों की भी बचत होगी। यह मॉडल गुजरात के सूरत की सफलता को उत्तर प्रदेश में दोहराने में मदद करेगा।  

मुख्यमंत्री ने सही कहा कि जितनी प्राचीन सभ्यता होगी, वहां टेक्सटाइल की उतनी ही अधिक संभावनाएं होंगी। काशी, भदोही, मऊ, अयोध्या और लखनऊ पहले से ही अपने पारंपरिक वस्त्र उद्योगों के लिए जाने जाते हैं। लखनऊ की चिकनकारी और बनारसी सिल्क विश्वभर में प्रसिद्ध हैं। ऐसे में, पीएम मित्र पार्क राज्य की इस ऐतिहासिक विरासत को वैश्विक मंच पर स्थापित करने में सहायक सिद्ध होगा।  परिधान नीति-2017 के तहत 80 निवेशकों को 210 करोड़ रुपये की प्रोत्साहन राशि प्रदान करना और 700 करोड़ रुपये के दो नए अनुबंधों पर हस्ताक्षर करना सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाता है। इससे यह स्पष्ट होता है कि सरकार केवल घोषणाओं तक सीमित नहीं है, बल्कि इसे वास्तविकता में बदलने के लिए ठोस कदम उठा रही है।  

यद्यपि इस परियोजना में अपार संभावनाएं हैं, लेकिन इसके सफल कार्यान्वयन के लिए कुछ चुनौतियों को भी संबोधित करना होगा। भूमि अधिग्रहण, आधारभूत संरचना विकास, कुशल श्रमिकों की उपलब्धता और पर्यावरणीय प्रभाव जैसे मुद्दों पर विशेष ध्यान देने की आवश्यकता होगी।  पीएम मित्र मेगा टेक्सटाइल एवं अपैरल पार्क न केवल उत्तर प्रदेश बल्कि पूरे देश के वस्त्र उद्योग के लिए क्रांतिकारी साबित हो सकता है। यह निवेश, रोजगार और औद्योगिक विकास को गति देने के साथ-साथ उत्तर प्रदेश को वैश्विक स्तर पर एक मजबूत टेक्सटाइल केंद्र बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। सरकार द्वारा लिए गए ये ठोस कदम एक समृद्ध और आत्मनिर्भर उत्तर प्रदेश की दिशा में अग्रसर होने का संकेत देते हैं।

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