विनोद कुमार झा
बिहार के सहरसा जिले में स्थित मां उग्रतारा धाम एक प्रसिद्ध सिद्धपीठ है, जहां मां भगवती की कृपा से हर भक्त की मनोकामना पूर्ण होती है। यह मंदिर सहरसा जंक्शन से लगभग 22 किलोमीटर पूर्वी कोसी तटबंध के पास महिषी गांव में स्थित है। यह स्थान न केवल धार्मिक दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण है, बल्कि ऐतिहासिक और सांस्कृतिक रूप से भी बहुत समृद्ध है।
मां उग्रतारा की महिमा : माना जाता है कि यह स्थान 51 शक्तिपीठों में से एक है, जहां माता सती के अंग का एक भाग गिरा था। यहां मां उग्रतारा आदि शक्ति के रूप में पूजी जाती हैं। भक्तों का मानना है कि जो भी सच्चे मन से माता की अराधना करता है, उसकी हर मनोकामना पूर्ण होती है। खासकर चैत्र नवरात्रि और शारदीय नवरात्रि में यहां भारी संख्या में श्रद्धालु आते हैं और मां की विशेष पूजा-अर्चना करते हैं।
इतिहास और शंकराचार्य के शास्त्रार्थ की गवाही
महिषी गांव विद्या और तंत्र साधना के लिए भी प्रसिद्ध है। यहीं पर प्राचीन काल में महान पंडित मंडन मिश्र का जन्म हुआ था, जिनका शास्त्रार्थ स्वयं आदि शंकराचार्य से हुआ था। कहा जाता है कि इस शास्त्रार्थ का साक्षी एक संस्कृत बोलने वाला तोता भी था, जो विदुषी भारती (मंडन मिश्र की पत्नी) के पास रहता था। इस स्थान पर आज भी संस्कृत कॉलेज, पुराना बरगद का पेड़ और एक ऐतिहासिक कुआं मौजूद है, जो उस ऐतिहासिक घटना का प्रमाण है।
मां उग्रतारा धाम की यात्रा कैसे करें?
मां उग्रतारा धाम तक पहुंचने के लिए कई परिवहन सुविधाएं उपलब्ध हैं:
रेल मार्ग: निकटतम रेलवे स्टेशन सहरसा जंक्शन है, जहां से महिषी गांव की दूरी मात्र 22 किमी है।
सड़क मार्ग: सहरसा से बस, ई-रिक्शा और टेंपो की सुविधा उपलब्ध है।
वायु मार्ग: निकटतम हवाई अड्डा पटना हवाई अड्डा है, जहां से सड़क मार्ग द्वारा महिषी पहुंचा जा सकता है।
मां उग्रतारा धाम की विशेषता
- यहां मंगलवार और नवरात्रि में भक्तों की विशेष भीड़ होती है। - मां उग्रतारा की आराधना से तंत्र साधना और सिद्धियों की प्राप्ति मानी जाती है।
- मंदिर के पास बहने वाली प्राचीन नदी आज भी उस दिव्य इतिहास की गवाही देती है।
- यहां हर साल विशेष मेला और उत्सव आयोजित किए जाते हैं, जिसमें लाखों श्रद्धालु शामिल होते हैं।
यदि आप शक्ति, आस्था और अद्भुत आध्यात्मिक अनुभव का आनंद लेना चाहते हैं, तो मां उग्रतारा धाम की यात्रा अवश्य करें। माता के दर्शन मात्र से हर कष्ट दूर हो जाता है और जीवन में सुख-समृद्धि का संचार होता है।
जय माता दी!
Bahut bahut subhkamna dhanyawad
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