विनोद कुमार झा
सहरसा (चैनपुर) । बिहार के सहरसा जिले के चैनपुर गांव के पूर्व मुखिया, प्रसिद्ध समाजसेवी और गरीबों के मसीहा चंद्रमोहन झा उर्फ सोहन झा का निधन हो गया। उनके निधन से न केवल चैनपुर गांव बल्कि पूरे सहरसा जिले में शोक की लहर दौड़ गई है। उनके योगदान और समाजसेवा के प्रति उनकी निष्ठा को देखते हुए लोग उन्हें "विकास पुरुष" के रूप में याद करते हैं।
गांव के विकास में निभाई अहम भूमिका : सोहन झा ने अपने जीवनकाल में कई बार मुखिया पद का चुनाव जीतकर जनता की सेवा की। उन्होंने अपने कार्यकाल में गांव के चहुंमुखी विकास पर विशेष ध्यान दिया। उनकी दूरदर्शिता और परिश्रम के कारण चैनपुर गांव को नई पहचान मिली। उनके नेतृत्व में गांव में सड़कों का निर्माण, बिजली की व्यवस्था, जल निकासी प्रणाली, स्कूलों और अस्पतालों के विकास जैसे कई महत्वपूर्ण कार्य हुए।
गरीबों और जरूरतमंदों के मसीहा : सोहन झा सिर्फ एक जनप्रतिनिधि नहीं थे, बल्कि वे गरीबों और जरूरतमंदों के लिए हमेशा खड़े रहने वाले मसीहा थे। उन्होंने गांव के जरूरतमंदों की मदद के लिए कई योजनाएं चलाईं। चाहे किसी गरीब की बेटी की शादी हो, बीमारों का इलाज हो या किसी परिवार को आर्थिक सहायता की जरूरत हो, वह हमेशा आगे बढ़कर मदद करते थे। उनकी यही दरियादिली उन्हें लोगों के दिलों में अमर बना देती है।
समाजसेवा के साथ रंगमंच के भी नायक : सोहन झा न केवल एक समाजसेवी थे, बल्कि रंगमंच के भी नायक थे। उन्होंने विभिन्न नाटकों और सांस्कृतिक कार्यक्रमों में भाग लेकर समाज में कला और संस्कृति को बढ़ावा दिया। उनके द्वारा निभाए गए किरदार आज भी लोगों के दिलों में बसे हुए हैं।
उनका निधन समाज के लिए एक अपूरणीय क्षति है। उनके द्वारा किए गए समाजसेवी कार्य और गांव के विकास के प्रति उनकी निष्ठा हमेशा लोगों को प्रेरित करती रहेगी। चैनपुर गांव के लोग उन्हें विकास पुरुष के रूप में हमेशा याद रखेंगे। उनका जीवन और संघर्ष आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा स्रोत रहेगा।