नवरात्रि में माता को प्रसन्न करने के लिए इस तरह करें पूजन विधि

विनोद कुमार झा


नवरात्रि एक विशेष आध्यात्मिक पर्व है जिसमें माता दुर्गा की उपासना कर मन को प्रसन्न और शांत किया जाता है। इस दौरान सही विधि से पूजा-अर्चना करने से मन को शुद्धता और सकारात्मक ऊर्जा प्राप्त होती है। यहाँ हम नवरात्रि में मन को प्रसन्न करने के लिए विस्तृत पूजा विधि प्रस्तुत कर रहे हैं:

1. ब्रह्म मुहूर्त में स्नान करें

नवरात्रि के प्रत्येक दिन ब्रह्म मुहूर्त (सुबह 4 से 6 बजे के बीच) में उठकर स्नान करना अत्यंत शुभ माना जाता है। यदि संभव हो तो गंगाजल मिलाकर स्नान करें, इससे शरीर और मन की शुद्धि होती है।

2. पूजन स्थल की शुद्धि

पूजा स्थान को अच्छे से स्वच्छ करें और वहाँ गंगाजल या गौमूत्र का छिड़काव करें। इससे वातावरण पवित्र बनता है और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।

3. माँ दुर्गा का आह्वान और आसन स्थापना

माँ दुर्गा की मूर्ति या चित्र को एक स्वच्छ लाल कपड़े पर स्थापित करें। फिर उन्हें जल, अक्षत (चावल), पुष्प और धूप-दीप दिखाकर विधिवत पूजन करें।

4. कमलाक्ष की माला से करें मंत्र जाप

मन को प्रसन्न और शांत रखने के लिए कमलाक्ष (कमल गट्टे) की माला से मंत्र जप करें। "ॐ ऐं ह्रीं क्लीं चामुण्डायै विच्चे" मंत्र का जाप करने से विशेष फल प्राप्त होता है। जाप करते समय ध्यान रखें कि मन पूरी तरह से माता की भक्ति में लीन हो।

5. मां को प्रिय भोग अर्पण करें

माँ दुर्गा को विभिन्न प्रकार के नैवेद्य अर्पित किए जाते हैं, जिससे वे प्रसन्न होती हैं। घी से बनी मिठाइयाँ जैसे लड्डू, हलवा अर्पित करें। फलाहार में विशेष रूप से अनार, केला, नारियल और सेब अर्पित करें। यदि संभव हो तो घर पर सात्विक भोजन बनाकर माँ को अर्पण करें और प्रसाद के रूप में ग्रहण करें।

6. मां को प्रिय पुष्प अर्पित करें

माँ दुर्गा को लाल रंग अत्यंत प्रिय होता है। इसलिए पूजा में विशेष रूप से लाल गुलाल, लाल चंदन और लाल पुष्प (गुड़हल, गुलाब) अर्पित करें। यदि गुड़हल का फूल उपलब्ध न हो तो अन्य लाल फूल भी चढ़ा सकते हैं।

7. दुर्गा सप्तशती या देवी महात्म्य का पाठ करें

नवरात्रि के दौरान "दुर्गा सप्तशती" या "देवी महात्म्य" का पाठ करने से मन को विशेष शांति और आध्यात्मिक शक्ति प्राप्त होती है। इसे प्रतिदिन श्रद्धा भाव से पढ़ना चाहिए।

8. ध्यान और आरती करें

पूजन के अंत में माँ दुर्गा का ध्यान करें और श्रद्धापूर्वक उनकी आरती करें। आरती के बाद परिवारजनों के साथ प्रसाद वितरण करें।

9. कन्या पूजन करें

अष्टमी और नवमी के दिन कन्या पूजन करना अति शुभ माना जाता है। 2 से 9 वर्ष की कन्याओं को भोजन कराकर आशीर्वाद लें।

10. व्रत और संयम का पालन करें

नवरात्रि के दौरान सात्विक आहार लें और व्रत का पालन करें। इस दौरान क्रोध, अहंकार और नकारात्मक विचारों से दूर रहें।नवरात्रि में इन विधियों का पालन करने से मन प्रसन्न रहता है और जीवन में सुख-समृद्धि का संचार होता है। माता रानी सभी भक्तों पर अपनी कृपा बनाए रखें।

जय माता दी!

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