सनातनी मुसलमान सुबूही ख़ान के नेतृत्व में सांस्कृतिक ईद मिलन समारोह आयोजित

 प्रफुल्ल पांडेय खबर मार्निंग

नोएडा। राष्ट्र जागरण अभियान की संस्थापिका व राष्ट्रीय संयोजिका सुबुही ख़ान के नेतृत्व में आज नोएडा में एक भव्य ईद मिलन समारोह का आयोजन किया गया जिसकी शुरुआत सभी के माथे पर तिलक लगाने से हुई। इस विशेष आयोजन का उद्देश्य भारतीय संस्कृति की गंगा-जमुनी तहज़ीब को सशक्त करना, आपसी सौहार्द को बढ़ावा देना और "सनातनी मुसलमान" विचारधारा पर संवाद स्थापित करना था। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि पूर्व राज्य सभा सांसद व अध्यक्ष एकात्म मानव दर्शन अनुसंधान एवं विकास प्रतिष्ठान महेश चंद्र शर्मा की उपस्थिति ने आयोजन की गरिमा बढ़ाई। उन्होंने अपने संबोधन को एक गीत के माध्यम से प्रस्तुत किया, जिसका सार यह था कि परमात्मा की इस पृथ्वी की अपनी एक विशेष व्यवस्था है, जहाँ हर तत्व महत्वपूर्ण है, हर जीव और हर वस्तु एक-दूसरे का सहारा बनती है, लेकिन किसी में अहंकार नहीं होता। प्रकृति हमें यही संदेश देती है कि सभी को मिल-जुलकर रहना चाहिए और एक-दूसरे का सम्मान करना चाहिए। राष्ट्र जागरण अभियान की राष्ट्रीय संयोजिका सुबुही खान ने कहा, 'सनातनी मुसलमान' दर्शन भारत में हमेशा से रहा है। रहीम, रसखान, दाराशिकोह, जायसी और कबीर की इस परंपरा को हम भारत में पुनः स्थापित करने के लिए संकल्पित हैं। उन्होंने आगे कहा कि सनातनी मुसलमान का मज़हब या पंथ इस्लाम है लेकिन हमारी भाषा, भूषा, भोजन, भवन, भेषज और भजन सनातनी हिंदू हैं। हिंदू और सनातन हमारी राष्ट्रीय और सांस्कृतिक पहचान है और हम इस पहचान को गर्व से अपनाते हैं। उन्होंने कहा मेरा धर्म सनातन है पंथ इस्लाम है और संस्कृति हिंदू है। वो कहती हैं इस तरह के आयोजन यह प्रमाणित करते हैं कि हमारे पूर्वजों द्वारा स्थापित सांस्कृतिक परंपराएँ आज भी जीवंत हैं और इन्हें सहेजना ही सच्ची राष्ट्रभक्ति है। कार्यक्रम के अंत में उन्होंने घोषणा की कि बहुत जल्द राष्ट्र जागरण अभियान के तत्वावधान में "सनातनी मुसलमान" विषय पर एक राष्ट्रीय संगोष्ठी आयोजित की जाएगी जिसमें देशभर से सनातनी मुसलमान भाग लेंगे और इस विचारधारा को और अधिक विस्तार देने पर मंथन करेंगे। इस समारोह में उमर ग़ाज़ी द्वारा महादेव शिव की दिव्य संगीतमय प्रस्तुति की गई और साथ ही मौला अली की शान को भी संगीत के माध्यम से प्रस्तुत किया गया। इस अनूठे संगम ने यह दर्शाया कि धर्म और आस्था जोड़ने का कार्य करते हैं न कि विभाजित करने का। यह संगीतमय प्रस्तुति सभी के लिए एक आध्यात्मिक अनुभव बनी और सांप्रदायिक सौहार्द का प्रतीक साबित हुई। कार्यक्रम में "सनातनी मुसलमान" विषय पर गहन चर्चा हुई, जिसमें विभिन्न विद्वानों, सामाजिक कार्यकर्ताओं और युवाओं ने भाग लिया। सभी ने इस बात पर बल दिया कि सनातन धर्म हिंदू संस्कृति और इस्लाम पंथ के मूल विचारों में समन्वय है और यह भारत की बहुसांस्कृतिक विरासत को और अधिक मज़बूत बनाता है। इस आयोजन मे हिंदू मुस्लिम सभी लोगों ने मिलकर भाईचारे और शांति का संदेश दिया और यह संकल्प लिया कि हम भाषा, जाति, क्षेत्र और संप्रदाय से ऊपर उठकर राष्ट्रप्रेम को सर्वोपरि मानेंगे। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि महेश चंद्र शर्मा, आयोजिका सुबुही ख़ान के अलावा उमर ग़ाज़ी, मक़सूद अहमद, मौलाना क़ासमी, इंशा, सोहेल, अमीन, नाज़िया, असरा, ग़ज़ल, अली सैफ़ी, आसिफ़, अजीत नागर, मयंक हिंदू, पी.के. अग्रवाल, अर्चना, सरबजीत, शेखर कुमार धर, क्षितिज बंसल, मंजु जोशी, सरोजिनी, प्रिया चतुर्वेदी व राष्ट्र जागरण अभियान के कार्यकर्ताओं समेत बच्चों, युवाओं और बुजुर्गों ने बढ़ चढ़ के हिस्सा लिया।

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