मौसम का बदला मिजाज, मच्छरों ने शरीर में लगाई आग

 हापुड़। मौसम बदलते ही मच्छरों का आतंक तेजी से बढ़ रहा हैं। जिससे शहरी व ग्रामवासियों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। तापमान में आए उतार-चढ़ाव और जगह-जगह जमा गंदा पानी मच्छरों के प्रजनन के लिए अनुकूल माहौल बना रहा हैं। जिससे डेंगू, मलेरिया और चिकनगुनिया जैसी बीमारियों का खतरा बढ़ गया हैं।

गंदगी और जलभराव बना बड़ा कारण : शहर के कई इलाकों में गंदे नाले, खुले में। पड़ा कूड़ा-कचरा और जलभराव के कारण मच्छरों की संख्या बढ़ती हैं। नगर निगम और स्वास्थ्य विभाग की लापरवाही के कारण आम लोगों को हर दिन मच्छरों के बढ़ते प्रकोप का सामना करना पड़ रहा हैं। स्थानीय अस्पतालों में डेंगू और मलेरिया के मरीजों की संख्या बढ़ रही हैं। डॉक्टरों का कहना हैं। कि मौसम में बदलाव के कारण मच्छरों के प्रजनन की दर तेजी से बढ़ रही हैं। जिससे वायरल फीवर, त्वचा संक्रमण और सांस से जुड़ी समस्याओं में। भी इजाफा हो रहा है।

खुद कर रहे मच्छर मार दवा अन्य जहरीले रसायनों को इंतजाम : मच्छरों को मारने के लिए लोग मछरदानी के अलावा क्वाइल, लोशन के अलावा लिक्विड मच्छर मारदवा और अन्य तरीके इस्तेमाल कर रहे हैं। क्वाइल और लिक्विड मच्‍छरमार दवाएं जहरीले रसायनों से तैयार होती हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि सांस के जरिए ये जहरीले रसायन हमारे शरीर के अंदर नुकसान पहुंचा रहे हैं।

लोगों का कहना हैं, मार्च महीना समाप्त होने जा रहा है। मच्‍छरों का प्रकोप लगातार बढ़ रहा है। ऐसे में शहर से लेकर गांव तक मच्छरों के हमले से लोगों की नींद हराम हो गई। प्रशासन द्वारा न तो नियमित फॉगिंग कराई जा रही है और न ही नालों की सफाई हो रही है। लगातार बढ़ती परेशानी को देखते हुए लोगों ने जल्द से जल्द फॉगिंग और सफाई अभियान चलाने की मांग की है।

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