कालांवाली। हरियाणा पंजाब सीमा के साथ लगते गांव कनकवाल व रामां मंडी में स्थापित श्रीगुरू गोविंद सिंह तेल शोधक कारखाने का आर्थिक लाभ तो पंजाब राज्य को हो रहा है, लेकिन परेशानियां हरियाणा के लोगों को झेलनी पड़ रही है। क्यूंकि रिफाइनरी से कुछ दिनो के अंतराल के बाद चिमनी से भयंकर आग की लम्बी लम्बी लपटे और काला धुंआ निकल रहा हैl जिससे आस पास के गांवों के लोग परेशान हो रहे हैl इसकी चिमनी से उठने वाली आग की लंबी लंबी लपटों के कारण गांव रामसरा देसू हस्सू खोखर, असीर, माखा सहित कई गांवों के निवासियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीणों ने बताया कि तेल शोधक कारखाने के शोर-शराबे और कारखाने की चिमनी से निकलने वाले प्रदूषित धुंऐ के कारण ग्रामीणों को सांस लेने में दिक्कत पेश आ रही हैl वहीं से निकलने वाली बदबू से रहना भी मुश्किल हो गया है। यही ग्रामीणों में सांस दमा खांसी जैसी बीमारियां के शिकार हो रहे हैं। किसानों ने बताया कि रिफाइनरी से दूषित धुएं व शोर शराबे के कारण मजदूर साथ लगते खेतों में काम करने को तैयार नहीं होते। इस समय गेहूं की फसल तैयार हो चुकी है और कटाई करनी बाकी है। इस स्थिति में किसान भाईयों के मन मे भय बना हुआ है कि अचानक कोई चिंगारी पक्की गेंहू की फसल मे गिरने से कई एकड़ गेंहू की फसल पूरी तरह से नष्ट हो सकती हैl उल्लेखनीय यह है कि किसान जब अपनी फसल के अवशेष को नष्ट करते हैं तो प्रशासन की ओर से किसानों के ऊपर विभिन्न प्रकार के चालान काटे जाते हैं जबकि रिफाइनरी से इस प्रकार के प्रदूषण को प्रशासन देखकर मौन रहकर आंखें मूंद लेता हैl प्रशासन का इस ओर तनिक भी ध्यान नहीं हैl ग्रामीणों में चर्चा है कि कायदे कानून आम लोगों पर ही लागू क्यों, जबकि कानून व्यवस्था सबके लिए एक समान हैl अगर इसका जहरीला धुआं इसी तरह निकलता रहा तो आस-पास के गांव में संक्रामक बीमारियां फैलने का खतरा भी हो सकता है। इस मामले को लेकर रिफाइनरी (तेल शोधक कारखाना) के अधिकारियों से कई बार मिल चुके हैं। लेकिन उनकी कोई सुनवाई नहीं हुई उन्होंने प्रशासन से मांग की है, कि इस शोर-शराबे का स्थाई समाधान किया जाऐl उन्होंने बताया कि नियमों के अनुसार जब कोई तेलशोधक कारखाना लगाया जाता है तो इसके आसपास कई किलोमीटर क्षेत्र में हरियाली के वृक्ष लगाने होते है। लेकिन इस मामले को लेकर जहां सारे नियम ताक पर रख दिए है।
नरेंद्र शर्मा पीआरो : इस बारे में रिफाइनरी के पीआरओ नरेंद्र शर्मा से फोन पर संपर्क किया तो उन्होंने बताया कि हमारी तकनीकी टीम इस पर कार्य कर रही है जल्द ही इस समस्या को हल कर लिया जाएगा।